बीफ ही नहीं सभी मांसाहारी भोजन बैन हो…, UCC का समर्थन कर शत्रुघ्न सिन्हा का बड़ा बयान

तृणमूल कांग्रेस के नेता और लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने समान नागरिक संहिता (UCC) को सभी समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस पहल को महज चुनावी एजेंडे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके लिए बहुपक्षीय बैठक कर सभी दलों की सहमति सुनिश्चित की जानी चाहिए.

Date Updated Last Updated : 05 February 2025, 02:37 PM IST
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UniformCivilCode: तृणमूल कांग्रेस के नेता और लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने समान नागरिक संहिता (UCC) को सभी समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस पहल को महज चुनावी एजेंडे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके लिए बहुपक्षीय बैठक कर सभी दलों की सहमति सुनिश्चित की जानी चाहिए.

एकरूपता की जरूरत

सिन्हा ने बीफ बैन का समर्थन किया, लेकिन इस पर पूरे देश में एकरूपता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो हुआ, उसे हम एक राष्ट्र के रूप में आवश्यक मान सकते हैं. UCC को लागू किया जाना चाहिए, और यह ऐसा विषय है जिस पर देश के सभी नागरिक सहमत होंगे. लेकिन इसमें कई जटिलताएँ हैं. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विभिन्न समुदायों की चिंताओं को उचित रूप से संबोधित किया जाए.

इसे अचानक इस तरह लागू नहीं किया जाना चाहिए कि लोगों को लगे कि यह केवल वोटों के लिए किया गया है. शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनकी व्यक्तिगत राय में केवल बीफ ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार के मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह नीति पूरे देश में समान रूप से लागू होनी चाहिए.

बीफ पर बैन हो

उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर बीफ बैन है, और मैं इससे सहमत हूँ. मेरी व्यक्तिगत राय है कि मांसाहार पर प्रतिबंध लगना चाहिए, लेकिन यह सिर्फ मेरी राय है. लेकिन अब देखिए, पूर्वोत्तर राज्यों में इसे स्वादिष्ट माना जाता है, जबकि उत्तर भारत में यह पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह असमानता जारी नहीं रह सकती. UCC को लागू करने से पहले इस पर सर्वदलीय बैठक कर सभी की राय ली जानी चाहिए. इसे चुनावी मुद्दे की तरह नहीं देखा जाना चाहिए.

उत्तराखंड में UCC लागू

उत्तराखंड सरकार ने 27 जनवरी को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की घोषणा की. यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 2022 के विधानसभा चुनाव के प्रमुख वादों में से एक था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने UCC को लेकर एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जहां लोग शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप समाप्ति, दस्तावेज़ीकरण संबंधी विवादों और अन्य शिकायतों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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