Mahakumbh 2025 : श्रद्धालुओं पर समय पर पुष्पवर्षा नहीं करने पर पायलट समेत तीन के खिलाफ FIR दर्ज

प्रयागराज महाकुंभ के प्रथम स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर निर्धारित समय पर पुष्पवर्षा न करना हेलिकॉप्टर पायलट के लिए मुश्किलें खड़ी कर गया. इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें हेलिकॉप्टर कंपनी के सीईओ का नाम भी शामिल है.

Date Updated Last Updated : 16 January 2025, 09:20 PM IST
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Mahakumbh 2025: प्रदेश की योगी सरकार प्रयागराज में दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित महाकुंभ के आयोजन में जुटी हुई है. सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन इसे सफल बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कुछ अधिकारी इस पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला महाकुंभ के प्रथम स्नान, पौष पूर्णिमा के दिन सामने आया, जब निर्धारित समय पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा नहीं हो पाई. इस घटना को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हेलिकॉप्टर कंपनी के सीईओ समेत तीन अधिकारियों पर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज कराया गया है.

मेला कोतवाली में यह एफआईआर उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से दर्ज कराई गई है. विभाग के प्रबंधक परिचालन के.पी. रमेश ने इस मामले में तहरीर दी है. मेला कोतवाली पुलिस ने कंपनी के सीईओ रोहित माथुर, प्रबंधक परिचालन परम, और पायलट कैप्टन पुनीत खन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. फिलहाल पुलिस अधिकारी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं.

क्या हैं आरोप और पूरा मामला?

निदेशालय को प्राप्त जानकारी के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली कंपनी ने बिना पूर्व सूचना और अनुमति के अपने हेलिकॉप्टर को किसी अन्य कार्य के लिए अयोध्या भेज दिया. यह कदम अनुबंध की शर्तों और प्रतिबंधों का उल्लंघन करता है। इस फर्म द्वारा किए गए कार्य से सरकारी कार्यों में रुकावट आई, जो किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है.

दूसरी कंपनी से करानी पड़ी पुष्पवर्षा

सूत्रों के मुताबिक, अनुबंधित कंपनी द्वारा हेलिकॉप्टर अयोध्या भेजे जाने के कारण पौष पूर्णिमा के दिन सुबह पुष्पवर्षा नहीं हो पाई, जो कि अनुबंध की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन था. इसके बाद एक दूसरी कंपनी से हेलिकॉप्टर बुलवाया गया और फिर शाम को संगम पर पुष्पवर्षा कराई गई. इस पूरे घटनाक्रम को शासन ने गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है.

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