अब इस देश में नहीं पढ़ेंगी लड़कियां! तालिबान सरकार ने पाकिस्तान समिट में शामिल होने से किया इनकार

पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि लड़कियों की शिक्षा पर इस्लामाबाद में आयोजित मुस्लिम देशों के वैश्विक सम्मेलन में अफगान तालिबान सरकार ने हिस्सा नहीं लिया. पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी ने एएफपी से कहा कि हमने अफगानिस्तान को आमंत्रित किया था, लेकिन अफ़गान सरकार का कोई प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ.

Date Updated Last Updated : 11 January 2025, 04:57 PM IST
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Muslim conference: पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि लड़कियों की शिक्षा पर इस्लामाबाद में आयोजित मुस्लिम देशों के वैश्विक सम्मेलन में अफगान तालिबान सरकार ने हिस्सा नहीं लिया. पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी ने एएफपी से कहा कि हमने अफगानिस्तान को आमंत्रित किया था, लेकिन अफ़गान सरकार का कोई प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि, अफ़गानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए काम करने वाले कई संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने पिछले साल बताया था कि तालिबान ने जानबूझकर 14 लाख अफ़गान लड़कियों को स्कूल जाने से वंचित रखा है. अफ़गानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ लड़कियों की माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध है. 2021 में सत्ता में आने के बाद तालिबान ने छठी कक्षा से ऊपर की लड़कियों की शिक्षा पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया कि यह शरिया की उनकी व्याख्या के अनुरूप नहीं है. जबकि लड़कों की शिक्षा पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

दो दशकों की प्रगति पर पानी

यूनेस्को के अनुसार, तालिबान के निर्णयों के कारण अफगानिस्तान में शिक्षा के क्षेत्र में दो दशकों की निरंतर प्रगति लगभग समाप्त हो गई है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि एक पूरी पीढ़ी का भविष्य ख़तरे में है. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई भी पाकिस्तान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुईं. मलाला पर 2012 में स्कूल जाते समय पाकिस्तानी तालिबान ने हमला किया था.

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