ललित मोदी का टूटा सपना! वानुअतु पासपोर्ट रद्द करने के बाद नापत सरकार ने दिया संदेश

Lalit Modi Vanuatu Passport: वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने ललित मोदी के पास्पोर्ट को रद्द करने का फैसला तब लिया जब उनके सामने खुलासा हुआ कि 2010 से भगोड़ा रहे ललित मोदी के प्रत्यर्पण की बात सामने आई.

Date Updated Last Updated : 10 March 2025, 10:53 AM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Social Media

Lalit Modi Vanuatu Passport: इंडियन क्रिकेट टीम ने रविवार को जबरदस्त मुकाबला करते हुए चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब 12 साल बाद अपने नाम कर लिया. वहीं दूसरी ओर इंडियन प्रीमियर लीग यान आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी का वानुअतु पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है.

वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने यह फैसला तब लिया जब उनके सामने यह खुलासा हुआ कि 2010 से भगोड़ा रहे ललित मोदी को भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा आईपीएल के शीर्ष अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों के संबंध में वांछित किया गया है.

विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि 

ललित मोदी 2010 से भारत छोड़ने के बाद लंदन में रह रहे हैं. ललित ने इस महीने की शुरुआत में लंदन में भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन किया था. विदेश मंत्रालय ने आवेदन की पुष्टि की. मोदी के पास पहले से ही वानुअतु की नागरिकता थी. वो अपने कथित वित्तीय कदाचार के कारण जांच के दायरे में थे. प्रधानमंत्री जोथम नापत ने मोदी की भगोड़ा स्थिति के बारे में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के जवाब में वानुअतु नागरिकता आयोग को पूर्व आईपीएल बॉस को जारी किए गए पासपोर्ट को रद्द करने का आदेश दिया. एक आधिकारिक बयान में नापत ने इस बात पर जोर दिया कि वानुअतु का पासपोर्ट रखना एक विशेषाधिकार है और आवेदकों को वैध कारणों से नागरिकता लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण से बचने का मोदी का स्पष्ट इरादा नागरिकता के लिए वैध कारण नहीं था. 

नापत सरकार ने क्या कहा? 

नापत ने एक बयान में कहा कि मैंने नागरिकता आयोग को मोदी के वानुअतु पासपोर्ट को रद्द करने की कार्यवाही तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि हालांकि पृष्ठभूमि जांच में कोई आपराधिक दोष नहीं पाया गया, लेकिन हाल ही में उन्हें सूचित किया गया कि इंटरपोल ने अपर्याप्त सबूतों के कारण ललित मोदी पर अलर्ट के लिए भारतीय अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था. जिसके कारण उनकी नागरिकता के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था. पीएम नापत ने कहा कि हाल के वर्षों में वानुअतु सरकार ने निवेश कार्यक्रम द्वारा नागरिकता के लिए अपनी उचित परिश्रम प्रक्रिया को मजबूत किया है. जिसके कारण वानुअतु वित्तीय खुफिया इकाई द्वारा की गई गहन जांच में अधिक आवेदन विफल हो गए हैं. 

सम्बंधित खबर