डोनाल्ड ट्रंप के 25% ऑटो टैरिफ से भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा असर, अमेरिका में बड़ा है कारोबार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ऑटो आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसका असर टाटा मोटर्स, आयशर मोटर्स, सोना बीएलडब्ल्यू और संवर्धन मदरसन जैसी भारतीय कंपनियों पर पड़ने की संभावना है. ये कंपनियां यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन को ऑटो पार्ट्स निर्यात करती हैं .

Date Updated Last Updated : 27 March 2025, 10:37 AM IST
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Donald Trump Auto tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी ऑटो आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसका असर टाटा मोटर्स, आयशर मोटर्स, सोना बीएलडब्ल्यू और संवर्धन मदरसन जैसी भारतीय कंपनियों पर पड़ने की संभावना है. ये कंपनियां यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन को ऑटो पार्ट्स निर्यात करती हैं, जो आगे अमेरिका को वाहन सप्लाई करते हैं.

JLR पर प्रभाव

टाटा मोटर्स का अमेरिका में सीधा निर्यात नहीं है, लेकिन इसकी सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) अमेरिकी बाजार में मजबूत स्थिति रखती है. JLR की FY24 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इसके कुल बिक्री का 22 प्रतिशत हिस्सा लिया. FY24 में JLR ने वैश्विक स्तर पर लगभग 4 लाख वाहन बेचे, जिसमें अमेरिका प्रमुख बाजारों में से एक रहा. अमेरिका में बिकने वाले इसके वाहन मुख्य रूप से यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय संयंत्रों में निर्मित होते हैं, जो अब 25 प्रतिशत टैरिफ के दायरे में आएंगे.

रॉयल एनफील्ड की चुनौती

आयशर मोटर्स, जो रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल बनाती है, भी इस टैरिफ से प्रभावित हो सकती है. अमेरिका इसके 650cc मॉडल्स के लिए महत्वपूर्ण बाजार है. भारत की अग्रणी ऑटो कंपोनेंट निर्माता समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड का यूरोप और अमेरिका में मजबूत आधार है. यह टेस्ला और फोर्ड जैसे अमेरिकी ऑटोमेकर्स को पार्ट्स सप्लाई करती है. अमेरिका और यूरोप में इसके मौजूदा विनिर्माण इकाइयों के कारण यह कंपनी आयात टैरिफ के प्रभाव से कुछ हद तक सुरक्षित है.

सोना कॉमस्टार और अन्य कंपनियां

सोना कॉमस्टार ऑटोमोटिव सिस्टम और कंपोनेंट्स बनाती है, जिसमें डिफरेंशियल गियर्स और स्टार्टर मोटर्स शामिल हैं. कंपनी की आय का 66 प्रतिशत अमेरिका और यूरोपीय बाजारों से आता है. जोखिम कम करने के लिए यह चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में अपने निर्यात आधार का विस्तार कर रही है.

इसके अलावा, भारत फोर्ज, सनसेरा इंजीनियरिंग, सुप्रजीत इंजीनियरिंग और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां भी प्रभावित हो सकती हैं. वित्तीय वर्ष 2024 में भारत ने 21.2 बिलियन डॉलर के ऑटो कंपोनेंट्स निर्यात किए, जो 1.2 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाजार का हिस्सा है. अमेरिका और यूरोप को शिपमेंट वैश्विक व्यापार का 4.5 प्रतिशत रहा.

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