90 घंटे काम पर बहस, ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने संतुलित काम पर दिया जोर

ITC लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यम के 90 घंटे के कार्य सप्ताह के समर्थन वाले बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की. पुरी ने कहा कि कर्मचारियों को लचीलापन और सशक्त बनाना काम के घंटों की सख्ती से निगरानी करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है.

Date Updated Last Updated : 16 January 2025, 12:57 PM IST
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ITC Chairman Sanjiv Puri: ITC लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यम के 90 घंटे के कार्य सप्ताह के समर्थन वाले बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की. पुरी ने कहा कि कर्मचारियों को लचीलापन और सशक्त बनाना काम के घंटों की सख्ती से निगरानी करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है.

पुरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग कंपनी की यात्रा का हिस्सा बनें, उत्साहपूर्वक शामिल महसूस करें और कंपनी में योगदान देने के लिए भीतर से प्रेरणा पाएं. उन्होंने कहा कि आईटीसी काम के घंटों की संख्या थोपने में विश्वास नहीं करता है, बल्कि कर्मचारियों को उनकी क्षमता तक पहुंचने और लक्ष्य हासिल करने में सक्षम बनाने पर जोर देता है.

वर्क-फ्रॉम-होम का विकल्प 

पुरी ने आईटीसी के लचीले कार्य वातावरण पर भी प्रकाश डाला, जहां कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति है. उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों को उनकी क्षमता का एहसास कराने के लिए सशक्त बनाने के बारे में है. विवाद तब शुरू हुआ जब एसएन सुब्रह्मण्यम के 90 घंटे के काम और रविवार को भी काम करने के बयान ने कार्य-जीवन संतुलन पर देशव्यापी चर्चा को जन्म दिया. हालांकि, सुब्रह्मण्यम ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का उद्देश्य कर्मचारियों में अधिक समर्पण और ऊर्जा को प्रेरित करना था, जो भारत के मौजूदा विकास अवसरों के साथ मेल खाता है.

एलएंडटी ने दिया सफाई

हाल ही में एलएंडटी की एचआर हेड सोनिका मुरलीधरन ने इस मुद्दे पर लिंक्डइन पोस्ट के जरिए सफाई दी. उन्होंने लिखा कि सुब्रह्मण्यम ने कभी 90 घंटे के कामकाजी हफ्ते को अनिवार्य नहीं किया. उन्होंने यह भी बताया कि सुब्रह्मण्यम अपने कर्मचारियों को परिवार की तरह मानते हैं और व्यक्तिगत व पेशेवर दोनों रूपों में उनके विकास को बढ़ावा देते हैं.

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