दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा! खतरे निशान के ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर, अलर्ट पर प्रशासन

मानसून अब पूरी तरह से प्रवेश कर चुका है. उत्तराखंड और हिमाचल में बाढ़ आ चुकी है. वहीं राष्ट्रीय राजधानी में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार को खतरे के निशान को पार कर चुका है.

Date Updated Last Updated : 07 August 2025, 05:48 PM IST
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Courtesy: Social Media

Yamuna Water Level in Delhi: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर गुरुवार को खतरनाक स्तर तक पहुंच गया. पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर लगभग 205 मीटर दर्ज किया गया. यह चेतावनी स्तर 204.50 मीटर से अधिक है. अधिकारियों ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

पुराना रेलवे पुल यमुना के जलस्तर की निगरानी का मुख्य बिंदु है. सुबह 8 बजे यहां का जलस्तर 204.88 मीटर था. अगर जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचता है, तो निकासी शुरू करनी होगी. प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी है.

हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी

हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ा. केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, इस मानसून में पहली बार बैराज से 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया. जिसकी वजह से सुबह 6 बजे यह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. अब हर घंटे करीब 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इस पानी को दिल्ली पहुंचने में लगभग दो घंटे लगते हैं. उत्तर भारत में मानसून ने कहर बरपाया है. बारिश के कारण नदियां उफान पर है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारी बारिश ने निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी. जलभराव और नालों के उफान से जनजीवन प्रभावित हुआ है. स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है.

गंगा का जलस्तर में भी बढ़ोतरी  

वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. लगातार हो रहे बारिश की वजह से नदियों के पानी का स्तर काफी ऊपर आ चुका है. यह खतरे के निशान 71.26 मीटर के करीब है. बाढ़ का पानी तुलसी घाट की ऊपरी सीढ़ियों तक पहुंच चुका है. प्रशासन ने सुरक्षा के लिए गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है. दिल्ली और वाराणसी में प्रशासन हाई अलर्ट पर है. बाढ़ से निपटने के लिए टीमें तैनात की गई हैं. लोगों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई है. जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए गए हैं. बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है. 

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