'महिला अधिकारियों का प्रदर्शन बेहतरीन...', सेना प्रमुख ने आलोचनाओं को किया खारिज

पुरुष प्रधान सेना में महिला अधिकारियों के बेहतरीन प्रदर्शन की तारीफ करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल के विचार को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) के मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं. उन्होंने इस मामले पर और भी कई बड़े खुलासे किए.

Date Updated Last Updated : 14 January 2025, 04:36 PM IST
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Women in Army: पुरुष प्रधान सेना में महिला अधिकारियों के बेहतरीन प्रदर्शन की तारीफ करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल के विचार को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) के मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं. उन्होंने इस मामले पर और भी कई बड़े खुलासे किए.

सेना में बढ़ेगी महिला अधिकारियों की संख्या

जनरल द्विवेदी ने कहा कि समाज और सेना में जेंडर न्यूट्रलिटी को अपनाने के साथ महिला अधिकारियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. वर्तमान में, 11 लाख से अधिक मजबूत सेना में 1,732 महिला अधिकारी (डॉक्टर, नर्स और अन्य को शामिल करने पर यह संख्या 8,000 हो जाती है) और 310 सैन्य पुलिस जवान हैं. 2025 के अंत तक महिला अधिकारियों की संख्या 2,037 तक पहुंच जाएगी. फिलहाल 115 महिला अधिकारी कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं, और 18 अन्य जल्द ही इस सूची में शामिल होंगी.

लेफ्टिनेंट जनरल की आलोचना पर सेना प्रमुख का जवाब

जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना में हमें सशक्त महिला अधिकारी चाहिए... शायद 'काली माता का रूप'. इसका मतलब है कि हमें जेंडर न्यूट्रल दृष्टिकोण अपनाना होगा. उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों को CO बनाया गया, लेकिन वे पुरुष अधिकारियों की तरह प्रशिक्षण और अनुभव से नहीं गुजरी थीं.

पिछले कुछ महीनों में 17 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव पुरी ने महिला COs पर खराब इंटरपर्सनल रिलेशन, अधिकार की गलत भावना और सहानुभूति की कमी का आरोप लगाया था. इस पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि पत्र लीक नहीं होना चाहिए था. यह उनकी व्यक्तिगत धारणा है. मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है.

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