OP Chautala passes away: शिक्षक भर्ती घोटाले में तिहाड़ जेल गए थे ओपी चौटाला, जानें क्या थी वजह

1999-2000 में हरियाणा के 18 जिलों में बड़ा टीचर भर्ती घोटाला सामने आया. इसमें 3206 जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) टीचरों की अनियमित और गैरकानूनी तरीके से भर्ती की गई थी. उस समय के प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने इस घोटाले का खुलासा किया. आज 89 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई .

Date Updated Last Updated : 20 December 2024, 02:38 PM IST
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OP Chautala Passes Away: 1999-2000 में हरियाणा के 18 जिलों में बड़ा टीचर भर्ती घोटाला सामने आया. इसमें 3206 जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) टीचरों की अनियमित और गैरकानूनी तरीके से भर्ती की गई थी. उस समय के प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने इस घोटाले का खुलासा किया.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर घोटाले की जांच की मांग की. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2003 में CBI ने इस मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान घोटाले की कई परतें खुलती चली गईं. आज 89 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई .

CBI ने दर्ज किया मामला

जनवरी 2004 में CBI ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, उनके बेटे और विधायक अजय चौटाला, मुख्यमंत्री के OSD विद्याधर, और राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी सहित 62 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया.

चौटाला को मिली सजा

जनवरी 2013 में दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट ने ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत दोषी ठहराया. कोर्ट ने दोनों को 10 साल की सजा सुनाई. हालांकि, चौटाला ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उनकी सजा बरकरार रही.

माफी योजना के तहत रिहाई

2018 में केंद्र सरकार की विशेष माफी योजना के तहत ओमप्रकाश चौटाला ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की. इस योजना के तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु वाले और आधी सजा काट चुके कैदियों को रिहा किया जा सकता था. उस समय चौटाला 83 साल के हो चुके थे और अपनी आधी से ज्यादा सजा पूरी कर चुके थे. ऐसे में 2 जुलाई 2021 को उनकी रिहाई हो गई.

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