दाऊद इब्राहिम की दुकान खरीदना पड़ा भारी, 23 साल तक मालिकाना हक के लिए दौड़ता रहा शख्स 

यूपी के फिरोजाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. जहां एक शख्स को अपनी दुकान का मालिकाना हक 23 साल बाद मिला है. अब आज सोच रहें होंगे, आखिर ऐसा क्यों हुआ ? आइए जानते है पूरा मामला 

Date Updated Last Updated : 31 December 2024, 03:58 PM IST
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Daud Ibrahim shop Mumbai: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक हैरान करने वाला सामने आ रहा है, जहां एक शख्स को दुकान का मालिकाना हक 23 साल बाद मिल है. जिसके बाद से ये चर्चा का विषय बन गया है. आखिर क्या हुआ ऐसा जो 23 साल तक इंजतार करता रहा शख्स ? 

ये दुकान मुंबई बम धमाकों के मास्टरमाइंड और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बताया जा रहा है. जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस दुकान की नीलामी की, उस दौरान फिरोजाबाद में रहने वाले हेमंत जैन ने इस दुकान को खरीद लिया. लेकिन उनको इस दुकान का मालिकाना हक पाने के लिए काफी लंबी लड़ाई लानी पड़ी थी. फिलहाल उनको अपना मालिकाना हक मिल ही गया. 

दरअसल, ये दुकान मुंबई के जयराज भाई स्ट्रीट इलाके में एक चार फीट की संकरी गली में मौजूद है. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की इस दुकान को 20 सितंबर 2001 को आयकर विभाग ने नीलाम किया और उस समय हेमंत ने अपने बड़े भाई पीयूष की मदद से इस दुकान को खरीदा. उस समय उसने 2 लाख रूपए दिए थे. दुनिया भले ही उसने 23 साल पहले खरीदी हो लेकिन उसका मालिकाना हक अब जा के मिला है.  

PMO पर लेखा लेटर 

हेमंत ने बताया कि इस दुकान को अपने नाम करने में उसको काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारी भी इस मामले में उनकी मदद नहीं कर रहे थे. वो लगातार दुकान के मालिकाना हक की लड़ाई लड़ रहे थे. रजिस्ट्रार कार्यालय में 2017 में नीलामी वाली फाइल गायब कर दी गई. जिसके कारण उन्होंने पीएमओ में तक लेटर लिखे थे. 

इस मामले में हेमंत को कोर्ट का रास्ता अपनाना पड़ा. फिर उन्होंने 5 साल तक कोर्ट में दौड़-भाग की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. हेमंत ने पूरा पैसा चुकाने के बाद संपत्ति हस्तांतरित कराने का निर्णय लिया. अब नए तरीके से उस जमीन का कब्जा किया गया. 

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