दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक हादसे में चलती कार में आग लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. आग इतनी भीषण थी कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला, जबकि चालक गंभीर रूप से झुलस गया और उसका अस्पताल में इलाज जारी है.
यह हादसा देर रात करीब 11 बजे अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर इलाके में हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार में सीएनजी गैस का रिसाव हुआ, जिसके कारण अचानक आग भड़क उठी. रिसाव इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की चपेट में आ गई और उसमें सवार लोग बाहर निकल ही नहीं सके.
बताया जा रहा है कि श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव का एक परिवार वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन कर लौट रहा था. इस यात्रा के लिए परिवार ने एक किराए की गाड़ी ली थी. जैसे ही वाहन मौजपुर क्षेत्र में पहुंचा, हादसा हो गया.
आग इतनी तेजी से फैली कि कार में सवार किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला. इस हादसे में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्ची की मौत हो गई. आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव पूरी तरह जल गए और उनके अवशेष तक पहचान में नहीं आ सके.
हादसे में चालक भी बुरी तरह झुलस गया. उसे तुरंत बाहर निकालकर इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है.
लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकी राम के अनुसार, यह घटना रात करीब 11 बजे की है. कार सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चलने वाली थी और गैस रिसाव के चलते आग लगी.
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल टीम को मौके पर बुलाया गया है ताकि डीएनए परीक्षण के जरिए मृतकों की पहचान की जा सके. परिजनों को भी सूचना दे दी गई है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी भी रात में ही मौके पर पहुंच गए. दमकल की टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक चालक को छोड़कर बाकी सभी लोग आग की चपेट में आ चुके थे.