रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, भारत-रूस दोस्ती का नया आयाम

पुतिन ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में पूर्ण समर्थन का वादा किया. उन्होंने कहा कि इस क्रूर हमले के अपराधियों और उनके समर्थकों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाने चाहिए. 

Date Updated Last Updated : 05 May 2025, 04:06 PM IST
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Courtesy: Social Media

Vladimir Putin Talk to PM Modi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज यानी 5 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे.

पुतिन ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में पूर्ण समर्थन का वादा किया. उन्होंने कहा कि इस क्रूर हमले के अपराधियों और उनके समर्थकों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाने चाहिए. 

भारत-रूस शिखर सम्मेलन

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-रूस की विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया. इस बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया गया. पीएम मोदी ने पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और उन्हें 2025 के अंत में भारत में होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया. रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, पुतिन ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया. 

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता

पहलगाम हमले के बाद भारत को कई देशों से समर्थन मिला है. रूस का यह कदम आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता को दर्शाता है. पुतिन ने भारत के साथ मिलकर आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई. यह बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई, जो हमले के बाद और गहरा गया है. भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है और कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए हैं.

पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाएगी. यह शिखर सम्मेलन वैश्विक मंच पर भारत-रूस की मजबूत दोस्ती को प्रदर्शित करेगा. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई. यह बातचीत भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को मजबूती देती है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करती है. 
 

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