मानसून में कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए 5 जरूरी सावधानियां, इन बातों पर दें विशेष ध्यान

मानसून का मौसम ताजगी और ठंडक लाता है, लेकिन यह नमी और बैक्टीरिया के कारण आंखों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है. कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि बारिश, धूल, और ह्यूमिडिटी आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं.

Date Updated Last Updated : 29 May 2025, 04:44 PM IST
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Contact lenses in monsoon: मानसून का मौसम ताजगी और ठंडक लाता है, लेकिन यह नमी और बैक्टीरिया के कारण आंखों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है. कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि बारिश, धूल, और ह्यूमिडिटी आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं.

आंखों की सुरक्षा के लिए सही देखभाल जरूरी है. यहाँ पाँच महत्वपूर्ण सावधानियाँ दी गई हैं, जो कॉन्टैक्ट लेंस उपयोगकर्ताओं को मानसून में ध्यान रखनी चाहिए.

1. स्वच्छ हाथों से लेंस का उपयोग

बरसात में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं. लेंस लगाने या निकालने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. गीले या गंदे हाथों से लेंस छूने से बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जो आंखों को नुकसान पहुँचा सकता है.

2. बारिश में चश्मे को दें प्राथमिकता

बारिश में बाहर निकलते समय कॉन्टैक्ट लेंस की जगह चश्मा पहनना बेहतर है. बारिश का पानी अक्सर दूषित होता है, और लेंस पर इसका संपर्क होने से आंखों में जलन, लालिमा या गंभीर संक्रमण हो सकता है.

3. लेंस केस और सॉल्यूशन की सफाई

मानसून में लेंस केस को रोजाना धोकर सुखाना जरूरी है. पुराने या दूषित सॉल्यूशन का उपयोग न करें, बल्कि हर बार ताजा सॉल्यूशन इस्तेमाल करें. नमी के कारण फंगस तेजी से फैलता है, जिससे आंखों को नुकसान हो सकता है.

4. आंखों में असुविधा पर तुरंत कार्रवाई

लेंस पहनने के बाद अगर आंखों में जलन, खुजली या लालिमा हो, तो तुरंत लेंस निकालकर आंखों को साफ पानी से धोएँ. अगर समस्या बनी रहे, तो तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें.

5. डेली डिस्पोजेबल लेंस का उपयोग

मानसून में डेली डिस्पोजेबल लेंस सबसे सुरक्षित विकल्प हैं. ये हर दिन नए और स्वच्छ होते हैं, जिससे संक्रमण का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है.

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