Prayagraj: छात्राओं के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रिंसिपल को जमानत देने से किया इनकार

Allahabad High Court: 13 साल की छात्रा से पिछले 9 साल से यौन शोषण करने के मामले में आरोपी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है. यह मामला बुलंदशहर के अरनिया थाने में 25 मार्च 24 को दर्ज हुआ था.

Date Updated Last Updated : 21 October 2024, 10:02 PM IST
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Courtesy: Social Media

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 9 से 13 साल के छात्रों के यौन शोषण के आरोपी सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को जमानत देने से इनकार कर दिया है. यह मामला बुलंदशहर के अरनिया थाने में 24 और 25 मार्च को दर्ज हुआ था. न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की पीठ ने याचिकाकर्ता प्रताप सिंह को जमानत देने के लिए मामले को उपयुक्त नहीं पाया.

क्या है पूरा मामला

पुलिस ने इस मामले में आईपीसी, एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है. आरोप है कि प्रताप सिंह ने बच्चों के निजी अंगों को गलत तरीके से छुआ और अपने मोबाइल पर अश्लील सामग्री दिखाई. वादी के वकील का कहना है कि पीड़ितों को सरकारी वजीफा नहीं मिला, इसलिए उन पर झूठा आरोप लगाया गया है.

आवेदक में क्या लिखा गया 

इसके अलावा, आवेदक ने बताया कि वह पूर्व में कैंसर से पीड़ित रह चुके हैं और वर्तमान में खांसी और सांस की बीमारी से भी ग्रसित हैं. उनका दावा है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं. प्रतिवादी 25 मार्च 2024 से जेल में है. राज्य सरकार के वकील ने पीड़ितों की कम उम्र का हवाला देते हुए इसे गंभीर अपराध बताया और कहा कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जी है. वादी ने इसे खरीदने की बात भी कही. इस मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की आवश्यकता है.

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