इसरो ने कुशीनगर से रचा इतिहास, उत्तर प्रदेश से पहला उपग्रह प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से अपने पहले उपग्रह प्रक्षेपण के साथ इतिहास रच दिया. 14 जून 2025 को, कुशीनगर के जंगलीपट्टी गांव में थ्रस्ट टेक इंडिया लिमिटेड के सहयोग से इसरो ने 15 किलोग्राम वजनी रॉकेट का सफल परीक्षण किया.

Date Updated Last Updated : 15 June 2025, 12:13 PM IST
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First satellite launched from Uttar Pradesh: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से अपने पहले उपग्रह प्रक्षेपण के साथ इतिहास रच दिया. 14 जून 2025 को इसरो ने कुशीनगर के जंगलीपट्टी गांव में थ्रस्ट टेक इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर 15 किलोग्राम के रॉकेट का सफल परीक्षण किया. यह उत्तर प्रदेश की धरती से इसरो का पहला रॉकेट प्रक्षेपण था, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय जोड़ता है.

वैज्ञानिक अभिषेक सिंह ने दी जानकारी 

इसरो के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह ने बताया कि रॉकेट को 5:14:33 बजे शाम को लॉन्च किया गया, जिसने 1.1 किलोमीटर की ऊचाई  हासिल की. प्रक्षेपण के बाद, उपग्रह 5 मीटर की ऊँचाई पर उतरते समय पैराशूट के माध्यम से सकुशल 400 मीटर के दायरे में उतरा.

इस परीक्षण ने इसरो की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित किया और भविष्य में बड़े पैमाने पर युवा-निर्मित उपग्रहों के परीक्षण की नींव रखी. यह उपलब्धि अहमदाबाद में ड्रोन-आधारित प्रक्षेपणों से भिन्न थी, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में पहला सीधा रॉकेट लॉन्च था.

भविष्य की योजनाएं 

कुशीनगर, जो पहले अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता था, अब अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया नाम स्थापित कर रहा है. इसरो का यह कदम उत्तर प्रदेश को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के नक्शे पर लाने का प्रतीक है.

इस परीक्षण ने स्थानीय समुदाय और युवाओं में विज्ञान और तकनीक के प्रति उत्साह जगाया है. इसरो ने इस सफलता को अक्टूबर-नवंबर में 900 युवा-निर्मित उपग्रहों के परीक्षण की दिशा में एक कदम बताया. यह मिशन भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार और समावेशिता को बढ़ावा देगा.

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