नए साल से पंजाब के 1.42 करोड़ लोगों को की जाएगी 'आटा-दाल' योजना की होम डिलीवरी

भगवंत मान ने कहा कि सिख धर्म दुनिया का सबसे नया और जीवंत धर्म है, जिसका दर्शन दूसरों को देना और सबके लिए रास्ता बनाना है. निशान साहिब की यात्रा में पैदल चलने वाले यात्री लंगर और रहने की जगह पाते हैं.

Date Updated Last Updated : 26 October 2025, 05:27 PM IST
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Courtesy: Social Media

चंडीगढ़: पंजाब के लाखों परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा! बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है घर-घर राशन वितरण. भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजना 'आटा-दाल' को एक नया आयाम देते हुए इसे 'पूरा रसोई पैकेज' में बदल दिया है. यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि पंजाब के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए 'आप' सरकार की तरफ से सीधी राहत और बचत की गारंटी है.

मुख्यमंत्री मान ने एक बड़ा और जनहितैषी फैसला लेते हुए मौजूदा लाभार्थियों के लिए राशन में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जोड़ने की घोषणा की है. जल्द ही, पात्र परिवारों को गेहूं के साथ-साथ यह पूरा पैकेज मुफ्त में मिलेगा, जिसमें शामिल हैं: 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो चायपत्ती, 1 लीटर सरसों का तेल, और 200 ग्राम हल्दी. यह सुनिश्चित करता है कि रसोई की मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए परिवारों को बाजार पर निर्भर न रहना पड़े. यह योजना अप्रैल 2026 से पूर्ण रूप से लागू करने की तैयारी है.

मान सरकार ने राशन वितरण की प्रक्रिया को भी क्रांतिकारी रूप से बदल दिया है. नए साल से, गरीबों के घर तक आटा और गेहूं की होम डिलीवरी शुरू हो जाएगी. यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले 1.42 करोड़ लाभार्थियों को कवर करेगी, जिसके तहत हर महीने 72,500 मीट्रिक टन राशन का वितरण किया जाएगा. लाभार्थियों को राशन के लिए लंबी लाइनों में लगने की चिंता से मुक्ति मिलेगी, जो आप सरकार की ‘ईमानदार और पारदर्शी’ गवर्नेंस का प्रमाण है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोर देकर कहा, "हमारा लक्ष्य है कि पंजाब का कोई भी परिवार बुनियादी ज़रूरतों के लिए संघर्ष न करे. बिजली का बिल ज़ीरो हुआ, महिलाओं की यात्रा मुफ्त हुई, और अब राशन की चिंता भी खत्म! यह हमारी गारंटी है कि जनता का पैसा अब जनता पर ही खर्च हो रहा है."

योजना के तहत, लाभार्थियों को राशन का पैकेट हर तिमाही (साल में चार बार) व्यवस्थित तरीके से दिया जाएगा— पहली खेप अप्रैल में, दूसरी जून में, तीसरी अक्टूबर में, और आखिरी दिसंबर में. पंजाब के कुल 65 लाख परिवारों में से 40 लाख परिवार इस विस्तारित योजना के पात्र होंगे. गेहूं पीसने के लिए 3 दर्जन आटा मिलों को भी चिन्हित किया गया है, ताकि गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके.

यह 'आप' सरकार की जनसेवा और अर्थव्यवस्था प्रबंधन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. एक तरफ जहां सरकार मुफ्त 300 यूनिट बिजली पर ₹22,000 करोड़ और मुफ्त बस यात्रा पर ₹600 करोड़ खर्च कर रही है, वहीं अब यह 'राशन क्रांति' यह साबित करती है कि भगवंत मान सरकार सही मायने में आम आदमी के साथ खड़ी है. पंजाब के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाने के लिए, अपनी रसोई का बोझ हल्का करने वाली सरकार को चुनें.

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