एंटी करप्शन डे स्पेशल: ये हैं वो 10 बड़े फैसले जो बताते है क्यों मान सरकार है पंजाब की सबसे ईमानदार सरकार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ दस बड़े कदम उठाकर प्रशासन में अभूतपूर्व पारदर्शिता लाई है. इन पहलों ने न केवल जनता को राहत दी, बल्कि सरकारी कामकाज को भी तेज़ और जवाबदेह बनाया है.

Date Updated Last Updated : 09 December 2025, 09:27 PM IST
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चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए जबरदस्त अभियान छेड़ा है. सत्ता में आने के बाद से मान सरकार ने तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित क्रांतिकारी सुधार लागू किए हैं. इन कदमों ने सरकारी प्रक्रियाओं को तेज, सरल और साफ बनाया है. जनता पहली बार महसूस कर रही है कि सरकार वास्तव में उनके लिए काम कर रही है. आज पंजाब में प्रशासनिक ढांचा नई ऊर्जा के साथ बदल रहा है और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार हो रहा है.

मुख्यमंत्री की एंटी-करप्शन हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने 9501200200 हेल्पलाइन शुरू की, जहां नागरिक रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के वीडियो भेज सकते हैं. इस कदम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता को सीधा हथियार दिया और कई अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हुई.

ईज़ी रजिस्ट्री पोर्टल की शुरुआत

संपत्ति पंजीकरण को सरल बनाने के लिए ईज़ी रजिस्ट्री शुरू की गई. अब कोई भी नागरिक किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 48 घंटे में दस्तावेज पूरे कर सकता है. इस प्रक्रिया ने दलाली और रिश्वत पर रोक लगाई.

भूमि रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटलीकरण

जमाबंदी और अन्य भूमि अभिलेख अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं. नागरिक केवल 20 रुपये देकर घर बैठे दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं. इस पारदर्शिता ने राजस्व विभाग में लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार की जड़ काट दी.

आप दी सरकार, आप दे द्वार योजना

इस योजना के जरिए गांवों और शहरों में 44 सरकारी सेवाएं लोगों के घरों के पास उपलब्ध करवाई जा रही हैं. हजारों कैंप लग चुके हैं. अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते.

सीएम विंडो से सीधा संवाद

जून 2024 में शुरू हुई सीएम विंडो ने नागरिकों को मुख्यमंत्री से सीधा संपर्क दिया. शिकायतों पर डीसी और एसएसपी को सीधे जिम्मेदार ठहराया गया. इस कदम ने लापरवाही और भ्रष्टाचार पर तत्काल अंकुश लगाया.

विजिलेंस ब्यूरो को स्वायत्तता

विजिलेंस ब्यूरो को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया. कई बड़े मामलों में अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए. इन कार्रवाइयों ने सरकारी तंत्र में डर पैदा किया और रिश्वतखोरी में कमी लाई.

डोरस्टेप डिलीवरी सर्विस

1076 नंबर पर कॉल कर नागरिक 43 सरकारी सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यवस्था ने सरकारी दफ्तरों में भीड़ और मध्यस्थों की भूमिका लगभग समाप्त कर दी. लाखों लोग इस योजना से लाभान्वित हुए.

एंटी रेड टेप एक्ट का पालन

अनावश्यक देरी और लालफीताशाही खत्म करने के लिए समयबद्ध सेवा नियम लागू किए गए. काम में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. इसने प्रशासनिक दक्षता को नया आयाम दिया.

ई-टेंडरिंग से बढ़ी पारदर्शिता

सभी विभागों में ऑनलाइन टेंडरिंग अनिवार्य कर दी गई. इससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आई और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हुईं. अब योग्य ठेकेदारों को बिना राजनीतिक प्रभाव के मौका मिलता है.

नशा व्यापार से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई

पुलिस विभाग में भी सख्ती बढ़ाई गई. नशा तस्करों से मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित और गिरफ्तार किया गया. इस अभियान ने पुलिस तंत्र में साफ-सुथरा माहौल बनाया.

राजस्व में बढ़ोतरी के स्पष्ट परिणाम

2024 में भूमि पंजीकरण से मिलने वाला राजस्व 26% बढ़ा. पहले यह पैसा भ्रष्टाचार में ग़ायब हो जाता था, अब सरकारी खजाने में जा रहा है. यह बदलाव सुधारों की सफलता का साफ संकेत है.

जनता का बढ़ता भरोसा

लोगों का कहना है कि अब उन्हें काम करवाने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती. ऑनलाइन सेवाएं और कैंपों ने उन्हें बड़ी राहत दी है. जनता पहली बार ईमानदार शासन का वास्तविक अनुभव कर रही है.

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की दिशा

विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल सुधार लंबे समय तक असर दिखाएंगे. सरकार जल्द और सेवाएं ऑनलाइन लाने की तैयारी कर रही है. नया शिकायत ट्रैकिंग ऐप और कैमरा सर्विलांस सिस्टम लागू होने वाला है.

मान सरकार का निर्णायक संदेश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. “हम बदला नहीं लेते, लेकिन पंजाब को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.” यह संदेश लोगों में भरोसा और अधिकारियों में जवाबदेही पैदा करता है.

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