'अंतरिक्ष से नमस्ते...', शुभांशु शुक्ला ने ISS पहुँचने से पहले भेजा संदेश, अंतरिक्ष में भारत की गौरवमयी छलांग

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से अपना पहला संदेश पृथ्वी पर भेजा है. उन्होंने कहा कि वह अंतरिक्ष में एक नवजात शिशु की तरह चीजें सीख रहे हैं. यह संदेश तब आया जब उनका यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से कुछ घंटे पहले ही कक्षा में था.

Date Updated Last Updated : 26 June 2025, 12:50 PM IST
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Ax-4 Mission: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से अपना पहला संदेश पृथ्वी पर भेजा है. उन्होंने कहा कि वह अंतरिक्ष में एक नवजात शिशु की तरह चीजें सीख रहे हैं. यह संदेश तब आया जब उनका यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से कुछ घंटे पहले ही कक्षा में था.

अंतरिक्ष की सैर

शुभांशु ने स्पेसएक्स के लाइव प्रसारण में कहा, “सभी को नमस्ते, अंतरिक्ष से नमस्ते!” उन्होंने अपनी अंतरिक्ष यात्रा को रोमांचक बताते हुए कहा कि कक्षा में पहुँचने का अनुभव अद्भुत था. मैं यहाँ नींद भी खूब ले रहा हूँ, जो एक अच्छा संकेत है.

अंतरिक्ष में चलना, खाना और अन्य गतिविधियाँ सीखना एक बच्चे जैसा अनुभव है. गलतियाँ करना ठीक है, लेकिन दूसरों की गलतियाँ देखना और भी बेहतर है. उनकी यह बातें उनके उत्साह और अनुकूलन को दर्शाती हैं.  

भारत के लिए ऐतिहासिक कदम

लखनऊ में जन्मे 39 वर्षीय शुभांशु ने इसे भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक छोटा, लेकिन ठोस कदम बताया. वह 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय नागरिक बन गए. उनकी यह उपलब्धि भारत के लिए गौरव का क्षण है. हंगरी के टिबोर कापू और पोलैंड के स्लावोस उज्नानस्की-विस्निवेस्की भी थे.

जैसे ही एक्स-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में पहुंचे, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह और क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर समेत कई हस्तियों ने उन्हें बधाई दी.

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