भारत के पास कर से बहुत पैसा आत है, हम क्यों दें 182 करोड़?, जानिए डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत के कर से मिलने वाली आय पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि भारत को करों से बहुत पैसा मिल रहा है, ऐसे में अमेरिका को क्यों भारत को 182 करोड़ डॉलर की सहायता देनी चाहिए? ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. 

Date Updated Last Updated : 20 February 2025, 03:51 PM IST
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Courtesy: Social Media

Donald Trump On Tax: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत के कर से मिलने वाली आय पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि भारत को करों से बहुत पैसा मिल रहा है, ऐसे में अमेरिका को क्यों भारत को 182 करोड़ डॉलर की सहायता देनी चाहिए? ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. 

भारत की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप की टिप्पणी

ट्रंप ने अपने बयान में भारत के बढ़ते कर राजस्व की ओर इशारा किया, जो अब एक महत्वपूर्ण आर्थिक स्रोत बन चुका है. उनके अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत हो चुकी है कि उसे अन्य देशों से सहायता की जरूरत नहीं होनी चाहिए. भारत में टैक्स कलेक्शन की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत के पास अपने खर्चों के लिए पर्याप्त धन है. 

अमेरिकी सहायता पर सवाल

ट्रंप का यह बयान अमेरिकी करदाताओं के पैसों को लेकर था. उनका कहना था कि अमेरिकी सरकार को उन देशों को धन देने की बजाय अपनी आंतरिक जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनकी आर्थिक स्थिति स्थिर हो चुकी है. ट्रंप के मुताबिक, अगर भारत कर से इतना पैसा कमा रहा है, तो उसे अन्य देशों से वित्तीय सहायता की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए. 

भारतीय आर्थिक स्थिति

भारत की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर हो रही है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भारत को पूरी दुनिया से मदद नहीं चाहिए. वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति बहुत मजबूत हो चुकी है, लेकिन यह मदद कई बार विकासशील देशों के लिए जरूरी होती है, जो वैश्विक सहयोग और सहायता से ही अपनी योजनाओं को लागू कर पाते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का बयान एक गंभीर सवाल उठाता है कि क्या अमेरिका को अन्य देशों को वित्तीय सहायता देने की जरूरत है, खासकर जब वे आर्थिक रूप से स्थिर दिख रहे हों. हालांकि, यह विचारणीय है कि वैश्विक सहयोग और सहायता के लाभ हर देश के लिए अलग होते हैं. 

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