ताइवान पर अमेरिका का 'खेल'! चीन से रिश्ते सुधारने की कोशिश में धोखा, लगा बड़ा झटका

अमेरिका ने ताइवान के साथ वही रणनीति अपनाई है, जो उसने यूक्रेन के साथ अपनाई थी. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ संबंध सुधारने के लिए यूक्रेन को अलग-थलग किया था. अब उसी तर्ज पर, चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने की कोशिश में अमेरिका ने ताइवान को दो बड़े झटके दिए हैं.

Date Updated Last Updated : 30 July 2025, 01:57 PM IST
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Taiwan-China Relations: अमेरिका ने ताइवान के साथ वही रणनीति अपनाई है, जो उसने यूक्रेन के साथ अपनाई थी. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ संबंध सुधारने के लिए यूक्रेन को अलग-थलग किया था. अब उसी तर्ज पर, चीन के साथ रिश्ते मजबूत करने की कोशिश में अमेरिका ने ताइवान को दो बड़े झटके दिए हैं.

फाइनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ताइवान के साथ दो महत्वपूर्ण कदमों को अचानक रद्द कर दिया, जिससे ताइवान बैकफुट पर आ गया है.

ताइवान को जवाब तक नहीं

जून 2025 के अंत में ताइवान के रक्षा मंत्री और अमेरिकी पेंटागन के उपसचिव के बीच एक अहम बैठक प्रस्तावित थी. इस बैठक में चीन के संभावित हमले और रक्षा रणनीतियों पर चर्चा होनी थी. ताइवान के रक्षा मंत्री को खाली हाथ अपने देश लौटना पड़ा.

राष्ट्रपति की यात्रा रद्द

ताइवान के राष्ट्रपति अगस्त 2025 में अमेरिका सहित तीन देशों की यात्रा पर जाने वाले थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया. नतीजतन, ताइवान के राष्ट्रपति को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी.

चीन का 'बिना गोली' कब्जे का प्लान

चीन ताइवान पर बिना सैन्य कार्रवाई के कब्जे की रणनीति बना रहा है. टाइम्स मैगजीन के अनुसार, चीन का लक्ष्य 2027 तक ताइवान पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है. हालिया सर्वे में 49% ताइवानी नागरिकों ने पश्चिमी देशों की तुलना में चीन को बेहतर बताया, जो चीन की रणनीति की सफलता को दर्शाता है.

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